नई दिल्ली, 01 जून ।
प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए दीपक केबल्स (इंडिया) लिमिटेड से संबंधित परिसरों पर छापेमारी की है। इस दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और सोने के आभूषण जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
एजेंसी के अनुसार बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत 21 मई और 29 मई को तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में कंपनी के निदेशकों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए। साथ ही 1.27 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और सोने के आभूषण जब्त किए गए तथा लगभग 18 करोड़ रुपये शेष राशि वाले कई बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया।
जांच की शुरुआत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी और उसके निदेशकों ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंक समूह को लगभग 899.35 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि कंपनी ने बड़ी मात्रा में ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के बाद उन धनराशियों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य जगहों पर किया।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी वित्तीय विवरण, काल्पनिक बिक्री-खरीद, सर्कुलर ट्रेडिंग और नकली कॉरपोरेट गारंटी का इस्तेमाल कर कारोबार के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। इसी आधार पर बैंकों से अधिक ऋण प्राप्त किया गया और पुराने ऋणों को बनाए रखने का प्रयास किया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि ऋण की बड़ी राशि को बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक आधार के निदेशक के नियंत्रण वाली विभिन्न कंपनियों में स्थानांतरित किया गया और बाद में उसे छिपाने का प्रयास किया गया। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है।




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