सीवान, 15 मई।
मानसून के आगमन से पहले जिले में पुलों की सुरक्षा को लेकर पथ निर्माण विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से प्रमुख पुलों की विशेष जांच अभियान की शुरुआत कर दी गई है।
इसी क्रम में विभागीय निर्देशों के तहत अधीक्षण अभियंता सीमा रानी तथा कार्यपालक अभियंता समलदेव कुमार ने शहर के दाहा नदी स्थित पुल, न्यू हसुआ पथ के पुल सहित कई महत्वपूर्ण संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और उनकी तकनीकी स्थिति का विस्तृत आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान पुलों की संरचनात्मक मजबूती के साथ-साथ फाउंडेशन, बेयरिंग, गडर, स्पैन स्लैब, पाइल, एक्सपेंशन ज्वाइंट, वायरिंग सिस्टम सहित सभी तकनीकी घटकों की बारीकी से जांच की गई, साथ ही अप्रोच रोड की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा दोनों सिरों की मौजूदा स्थिति का भी परीक्षण किया गया।
जहां कहीं तकनीकी खामियां पाई गईं, उन्हें चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और इसी के आधार पर मरम्मत एवं रखरखाव की आगामी कार्ययोजना तय की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता सीमा रानी ने स्पष्ट किया कि पुलों की सुरक्षा और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा तथा संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में पुलों पर दबाव बढ़ जाता है, ऐसे में पहले से सतर्कता बेहद आवश्यक है।
कार्यपालक अभियंता समलदेव कुमार ने बताया कि जिले के सभी प्रमुख पुलों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और निरीक्षण रिपोर्ट लगातार मुख्यालय को भेजी जा रही है। कमजोर या जर्जर पाए जाने वाले पुलों की मरम्मत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुलों के नीचे जल प्रवाह और निकासी व्यवस्था का भी आकलन किया, क्योंकि कई बार जलभराव और सफाई की कमी से संरचनात्मक नुकसान की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए मानसून से पहले सभी तकनीकी बिंदुओं की जांच को अनिवार्य माना गया है।
यह अभियान हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में सामने आए पुल हादसों और मिल रही शिकायतों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके चलते सरकार ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है और टीमें लगातार फील्ड में निरीक्षण कर रही हैं।
अधीक्षण अभियंता ने यह भी कहा कि नियमित निगरानी, तकनीकी जांच और समय पर मरम्मत से ही बड़े हादसों को रोका जा सकता है तथा विभाग का उद्देश्य बारिश के दौरान आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।















