कानपुर, 08 अप्रैल।
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में कलेक्ट्रेट में तैनात तीन कर्मचारियों को लगातार टाइपिंग परीक्षा में असफल रहने पर पदावनत कर दिया गया है और उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया गया। प्रशासन ने बताया कि कार्य क्षमता और दक्षता के मानक पूरे न करने पर यह कड़ा कदम उठाना आवश्यक था।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट के तीन कनिष्ठ लिपिक नेहा श्रीवास्तव, प्रेमनाथ यादव और अमित कुमार यादव को मृतक आश्रित कोटे से वर्ष 2023 में नौकरी मिली थी। नियुक्ति के पहले वर्ष के भीतर प्रत्येक कर्मचारी के लिए प्रति मिनट 25 शब्द की टाइपिंग परीक्षा पास करना अनिवार्य था।
वर्ष 2024 में पहली परीक्षा में तीनों कर्मचारी असफल रहे, जिसके बाद प्रशासन ने वेतन वृद्धि रोकते हुए उन्हें एक और मौका दिया। वर्ष 2025 में दूसरी परीक्षा में भी वे निर्धारित मानक पूरा नहीं कर सके। लगातार दो बार असफल रहने पर प्रशासन ने नियमों के अनुसार उन्हें बाबू से हटाकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया और वेतन वृद्धि को भी स्थगित कर दिया।
अपर जिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस कार्रवाई से कार्यालय में हलचल मची और अन्य कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यालय में अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।













