श्रीनगर, 15 मई।
कश्मीर (नीति एवं रणनीति) समूह के अध्यक्ष अशोक भान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि कश्मीरी पंडित समुदाय की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी की दिशा में ठोस पहल की जाए तथा कश्मीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी हितधारकों, विशेषकर निर्वासित कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ व्यवस्थित और सार्थक संवाद की प्रक्रिया शुरू की जाए।
विस्तारित कार्यकारी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति और समाधान केवल प्रशासनिक या सुरक्षा आधारित उपायों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए राजनीतिक भागीदारी, लोकतांत्रिक संवाद, संवैधानिक संवेदनशीलता और समाज में विश्वास की पुनर्स्थापना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के एक हिस्से में जारी असंतोष, अलगाव की भावना और राजनीतिक अशांति इस बात को रेखांकित करती है कि व्यापक संवाद और समावेशी भागीदारी के माध्यम से विश्वास बहाली की तत्काल आवश्यकता है।
अशोक भान के अनुसार जम्मू-कश्मीर की युवा पीढ़ी विशेष रूप से सम्मान, राजनीतिक सशक्तिकरण, आर्थिक अवसर और यह आश्वासन चाहती है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं उनकी आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवाद की कमी, राजनीतिक शून्यता और निरंतर जुड़ाव के अभाव से जनता और शासन संस्थाओं के बीच अविश्वास और दूरी और अधिक बढ़ती है।














