नई दिल्ली, 06 मई।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर से जुड़े धन शोधन मामले में आरोप तय करने पर फैसला फिलहाल टाल दिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 22 मई निर्धारित की है, जिस दिन निर्णय सुनाया जाएगा।
इस प्रकरण में 13 फरवरी को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले 28 जनवरी 2019 को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत प्रदान की गई थी। अदालत ने सभी को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी थी। वहीं 19 जनवरी 2019 को केंद्रीय जांच ब्यूरो के मामले में लालू प्रसाद यादव को भी नियमित जमानत मिली थी। आगे 13 अक्टूबर 2025 को इसी से जुड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो के मामले में अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस मामले में 17 सितंबर 2018 को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर अदालत ने संज्ञान लिया था। कुल 16 लोगों को इस प्रकरण में आरोपी बनाया गया है, जिनमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव के साथ कई कंपनियां और अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे के दो होटलों का संचालन भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम को सौंपने की प्रक्रिया में गड़बड़ी की और टेंडर जारी कराए गए। रांची और पुरी स्थित दोनों होटलों का आवंटन कोचर बंधुओं की कंपनी सुजाता होटल को दे दिया गया था।



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