जबलपुर, 13 अप्रैल।
सिविल लाइन क्षेत्र में वकील और आरक्षक के बीच हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है, जिसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा। यह विवाद बच्चों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी से बढ़कर दोनों पक्षों के बीच झड़प तक पहुंच गया।
अधिवक्ताओं ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा अपने ही कर्मियों को संरक्षण देने की स्थिति में आम जनता का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा और इससे न्याय व्यवस्था प्रभावित होगी।
पीड़ित अधिवक्ता पंकज शर्मा ने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी की और मामले को सुलझाने के लिए समझौते का दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास घटना से जुड़े वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, जो पूरे मामले को और गंभीर बनाते हैं।
आरोप है कि मदन महल थाने में पदस्थ आरक्षक साकेत तिवारी ने घर में घुसकर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा दिया गया ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही एक अन्य मामले में एक युवती द्वारा एक वकील पर धमकी देने के आरोप की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








.jpg)



