बालोद, 10 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए तीन करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है, जिसमें 27 मार्च को डाक के जरिए धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ था।
जानकारी के अनुसार 27 मार्च की दोपहर लगभग तीन बजे कार्यालय में डाकिया द्वारा एक बंद लिफाफा मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन को सौंपा गया, जिसे खोलने पर उसमें उनके और उनके परिवार के लिए जान से मारने की धमकी दी गई थी तथा साथ ही तीन करोड़ रुपये की फिरौती की मांग भी दर्ज थी।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि मजिस्ट्रेट द्वारा रिश्वत लेकर गलत आदेश दिए जाते हैं और आम जनता विशेषकर गरीब वर्ग को परेशान किया जाता है, साथ ही पत्र भेजने वाले ने स्वयं को नक्सली संगठन से जुड़ा बताते हुए बस्तर, कांकेर, ओडिशा और झारखंड क्षेत्रों में सक्रिय होने का दावा भी किया है।
इसके अलावा पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि मांगी गई राशि नहीं दी गई तो मजिस्ट्रेट और उनके परिवार की हत्या कर दी जाएगी, जिसके बाद 8 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई गई और बुधवार शाम गुंडरदेही पुलिस ने मामले में अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 308 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है तथा सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है, साथ ही जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार किए जाने का दावा भी किया गया है।




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