सुपौल, 12 मई।
जिले में अपराध पर नियंत्रण को लेकर सुपौल पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सदर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और नकद राशि भी बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद अपराधियों के बीच हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस के अनुसार, 10 मई को सदर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नगर परिषद क्षेत्र स्थित गणपति मैरेज हॉल के पीछे बने एक अर्धनिर्मित मकान में कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ जमा हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर मौके पर भेजी गई।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस को पहुंचता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी कर सभी आठ संदिग्धों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी कट्टा, दो देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के साथ लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों की साजिश रच रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह जिले में सक्रिय किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास जारी है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में फुलेन्द्र कुमार, बलराम कुमार, अभय कुमार, सुभाष कुमार, अशोक कुमार, विक्रम यादव, रंजीत कुमार और राजकुमार मुखिया के नाम शामिल हैं। इनमें अधिकतर आरोपी गौरवगढ़ क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गणपति मैरेज हॉल के आसपास लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत जताई है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
सुपौल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को गुप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई और अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई है।









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