भोपाल, 08 अप्रैल 2026।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने इस वर्ष छात्रों के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने पारंपरिक पूरक परीक्षा की व्यवस्था को समाप्त कर ‘द्वितीय परीक्षा’ की शुरुआत की है, जिसमें फेल और पास दोनों तरह के छात्र शामिल हो सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत छात्र अब केवल फेल विषयों के लिए ही नहीं बल्कि अपनी बेहतर अंक प्राप्ति के लिए भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। इस परीक्षा की शुरुआत 7 मई 2026 से होगी। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों को अपने प्रदर्शन को सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा।
पहले हाईस्कूल में अधिकतम दो विषय और हायर सेकेंडरी में एक विषय में ही फेल छात्र पूरक परीक्षा दे सकते थे, लेकिन अब सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किया जाएगा।
जो छात्र किसी विषय में फेल हैं, उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा, जबकि पास छात्र भी अपनी स्वेच्छा से किसी भी विषय में शामिल होकर अंक सुधार सकते हैं। यह कदम छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार हायर सेकेंडरी (12वीं) की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगी। वहीं हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 तक निर्धारित केंद्रों पर होगी।
द्वितीय परीक्षा के बाद जारी की जाने वाली अंकसूची मुख्य परीक्षा की तरह मान्य होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र के मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा में से जो भी अंक बेहतर होंगे, वही अंतिम परिणाम के रूप में मान्य होंगे।
छात्र द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के सात दिनों के भीतर एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। अधिक जानकारी के लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर विजिट कर सकते हैं।








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