ब्रुसेल्स, 13 अप्रैल।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से जीवाश्म ईंधन से जुड़े बिलों में करीब 22 अरब यूरो की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते सदस्य देशों को ऊर्जा कीमतों को लेकर आपसी समन्वय करना बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने ब्रुसेल्स में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गैस भंडारण भरने की प्रक्रिया में सदस्य देशों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है ताकि कई देश एक ही समय में बाजार में दबाव न बनाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि तेल भंडार जारी करने की प्रक्रिया में भी समन्वय किया जाएगा, ताकि इसका अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हो सके और सदस्य देशों के आपातकालीन कदम एकल बाजार को प्रभावित न करें।
यूरोपीय आयोग 22 अप्रैल को ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने से जुड़े प्रस्ताव जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिस पर अगले सप्ताह होने वाले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में यूरोपीय नेता चर्चा करेंगे।
इसके अलावा आयोग गर्मियों से पहले एक बिजलीकरण रणनीति भी प्रस्तुत करेगा, जिसमें ऊर्जा कीमतों को दीर्घकालिक रूप से कम करने के संरचनात्मक उपायों पर जोर दिया जाएगा।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि जीवाश्म ईंधन पर वैश्विक निर्भरता की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और यह वास्तविकता है कि आने वाले वर्षों में यह ऊर्जा विकल्प सबसे महंगा बना रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र को कार्बन उत्सर्जन मुक्त करने की रणनीति पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और इसका महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है।







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