भोपाल 29 अप्रैल।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारियों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सरकार द्वारा इसके लिए एक समिति गठित किए जाने के बाद विपक्ष ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पर आपत्ति जताते हुए पूछा है कि क्या यह कानून सभी की सहमति से लागू किया जाएगा या फिर इसे जबरन लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या दलित और आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे में शामिल किया जाएगा या नहीं।
उमंग सिंघार ने यह भी कहा कि सरकार यह निर्णय सात सदस्यीय समिति के माध्यम से लेना चाहती है, जबकि इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रदेश की जनता की राय लेना अधिक उचित होगा। उन्होंने इसे व्यापक जनमत से जोड़कर तय किए जाने की आवश्यकता बताई है।











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