कोलकाता, 13 अप्रैल
रानीगंज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यदि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो भ्रष्टाचार पर सख्त रोक लगाई जाएगी और उससे बचने वाले धन का उपयोग सीधे जनता के कल्याण में किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए घोषित मासिक सहायता योजना पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि पार्टी के संकल्प पत्र में महिलाओं और युवाओं को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इस पर उठाए गए वित्तीय स्रोत के सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर जो धन वसूला जाएगा, वही इन योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।
शाह ने राज्य सरकार पर सिंडिकेट राज चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि मवेशी तस्करी, कोयला और बालू खनन, शिक्षक भर्ती, राशन वितरण और नगर निकायों की नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की गहन जाँच कराई जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने आगामी चुनाव के दोनों चरणों को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी कि किसी भी मतदाता को डराने या धमकाने की स्थिति न बने। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ताधारी दल से जुड़े असामाजिक तत्व मतदान के दिन घरों में ही रहें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिन में बोलपुर और खैरासोल में रैलियों के बाद यह उनकी तीसरी जनसभा थी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पश्चिम बर्धमान जिले की सभी सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही है और चार मई को मतगणना के बाद राज्य में सरकार बनाएगी।
राजनीतिक विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ आरोपों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और पूर्व विधायक को लेकर लगाए गए दावे गलत हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की बाबरी मस्जिद जैसी संरचना के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा बल को आवश्यक भूमि 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी और समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।







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