जोधपुर, 23 जुलाई।
जोधपुर में एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 6.33 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के इस्तगासे पर करवड़ थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपित ने रुपये लौटाने के लिए चेक भी दिया था, जो बाद में चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपितों ने फोन उठाना बंद कर दिया और धमकी भी दी।
करवड़ थाना पुलिस के अनुसार कुड़ीवाला बेरा, माणकलाव निवासी रामपाल चौधरी पुत्र किशना राम जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह एक निजी फर्म में कार्यरत हैं। उनकी पहचान घोड़ा प्याऊ, मगजी की घाटी निवासी सुरेश गोस्वामी से हुई थी। सुरेश ने भरोसा दिलाया कि एम्स अस्पताल में भर्ती निकलने पर वह उनकी स्थायी नौकरी लगवा देगा, लेकिन इसके लिए रुपये देने होंगे।
पीड़ित के अनुसार सबसे पहले फॉर्म भरने के नाम पर तीन हजार रुपये लिए गए। इसके बाद 27 फरवरी 2025 को आरोपित उसके घर पहुंचा और पहली किस्त के रूप में तीन लाख रुपये नकद ले गया। फिर 24 मार्च 2025 को दोबारा घर पहुंचकर शेष 3.30 लाख रुपये की मांग की। जब रामपाल ने काम पूरा होने के बाद भुगतान की बात कही तो आरोपित ने अधिकारियों को रुपये देने की बात कहकर भुगतान के लिए दबाव बनाया। इस पर उसने 3.30 लाख रुपये और दे दिए।
रामपाल का आरोप है कि कुल 6.33 लाख रुपये लेने के बाद भी उसे कोई जॉइनिंग लेटर नहीं मिला। रुपये वापस मांगने पर सुरेश ने उसकी मुलाकात माणकलाव निवासी सुनील से कराई और कहा कि आगे की प्रक्रिया वही देखेगा।
काफी समय बीतने के बाद भी कॉल लेटर नहीं मिलने पर जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपितों ने उसे निजी बैंक का 6.30 लाख रुपये का चेक दे दिया। रामपाल ने 17 जून 2025 को चेक अपने बैंक खाते में जमा कराया, लेकिन हस्ताक्षर मेल नहीं खाने के कारण वह अनादरित हो गया।
पीड़ित का आरोप है कि चेक बाउंस होने के बाद जब उसने फिर से रुपये लौटाने की मांग की तो दोनों आरोपितों ने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया। साथ ही रुपये मांगने पर मारपीट कर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।












