नई दिल्ली, 28 जुलाई।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कहा कि सरकार को देश के युवाओं की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं युवाओं को जनसांख्यिकीय लाभांश बताती है, लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि यह लाभांश कहीं आपदा में न बदल जाए।
चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं, राममंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के बंद होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही बनाए कानून में संशोधन लेकर आई है। उनके अनुसार, यदि कानून प्रभावी होता तो पेपर लीक की घटनाएं नहीं होतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एनटीए को आउटसोर्स कर दिया है।
चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने अखिलेश यादव से पूछा कि छात्रों के आंदोलन पर कानून बनाने वाले बेहतर हैं या छात्रों के आंदोलन पर आपातकाल लगाने वाले। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि आपातकाल के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ था।


















