मस्कट, 28 जुलाई।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के प्रबंधन को लेकर नया प्रस्ताव रखा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओमान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट का संचालन केवल ईरान के नियंत्रण में न रहे, बल्कि इसमें क्षेत्र के सभी तटीय देशों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन के लिए एक साझा क्षेत्रीय व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया है। इसके तहत समुद्री यातायात को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और स्थिर बनाने पर जोर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि खाड़ी क्षेत्र के कई देशों की ओर से इस प्रस्ताव को समर्थन भी मिल रहा है।
प्रस्ताव में मलक्का जलडमरूमध्य की तर्ज पर व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। मलक्का स्ट्रेट में समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाज स्वैच्छिक रूप से शुल्क का भुगतान करते हैं। इस राशि का उपयोग नौवहन सुविधाओं के विकास, पर्यावरण संरक्षण और खोज एवं बचाव अभियानों के संचालन में किया जाता है।
वर्तमान में मलक्का जलडमरूमध्य के तटीय देश इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर संयुक्त रूप से एक नेविगेशन फंड संचालित करते हैं। ओमान ने इसी मॉडल को होर्मुज स्ट्रेट में लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मजबूती मिल सके।
हालांकि, ओमान के इस प्रस्ताव पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके अलावा इस मुद्दे पर किसी औपचारिक क्षेत्रीय समझौते की घोषणा भी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सामने आया प्रस्ताव माना जा रहा है।


















