भोपाल, 28 जुलाई।
मध्य प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक साथ 1 लाख 75 हजार 451 नागरिकों को नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर इंदौर पुलिस ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि को न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है।
मंगलवार को आयोजित राज्य के सबसे बड़े ई-शपथ कार्यक्रम में शहर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, शासकीय एवं निजी संस्थाओं, कॉर्पोरेट कार्यालयों, सामाजिक संगठनों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
मुख्य कार्यक्रम इंदौर पुलिस आयुक्त कार्यालय से आयोजित किया गया। यहां से ज़ूम, यूट्यूब लाइव और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस इकाइयों, थानों, पुलिस लाइन, आरएपीटीसी, बटालियन पीटीसी, होमगार्ड, कॉर्पोरेट कार्यालयों, पुनर्वास केंद्रों और अन्य संगठनों को जोड़ा गया। इस दौरान पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों को सामूहिक ई-शपथ दिलाई और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
पिछले वर्ष का रिकॉर्ड भी टूटा
इंदौर पुलिस ने वर्ष 2025 में अभियान के पहले चरण के दौरान 85,003 लोगों को एक साथ नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 1,75,451 हो गई, जिससे इंदौर पुलिस ने अपना ही पूर्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने की पुष्टि
कार्यक्रम के दौरान वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन के प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों की संख्या और पूरी प्रक्रिया का सत्यापन किया। सत्यापन के बाद संस्था ने इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के नए विश्व रिकॉर्ड की पुष्टि करते हुए प्रशंसा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया।
जनआंदोलन का रूप ले रहा अभियान
मध्य प्रदेश पुलिस का "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने, जनजागरूकता बढ़ाने और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की व्यापक पहल भी है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को जोड़कर नशे के खिलाफ जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।


















