भोपाल, 28 जुलाई।
मध्य प्रदेश में सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल ने ग्रीन हाइड्रोजन एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने का निर्णय लिया है। इस दिशा में कौशल विकास, अनुसंधान और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दोनों संस्थानों के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
जनसंपर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने मंगलवार को बताया कि समझौते पर मैनिट की डीन प्रो. (डॉ.) अनुपमा शर्मा और क्रिस्प के सहायक महाप्रबंधक फैसल जाफरी ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में क्रिस्प की ओर से डिप्टी मैनेजर अविनाश जैन और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर शिवम आर. वर्मा मौजूद रहे। वहीं मैनिट की ओर से केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की एचओडी एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीना अग्रवाल, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रभारी एचओडी प्रो. (डॉ.) सुरेश सुंदरमूर्ति सहित अन्य वरिष्ठ प्राध्यापक उपस्थित रहे।
जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के विजन के अनुरूप ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, डीकार्बोनाइजेशन तथा कार्बन न्यूट्रल तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके माध्यम से युवाओं, उद्योगों और तकनीकी संस्थानों को भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थान विद्यार्थियों, फैकल्टी, उद्योगों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, औद्योगिक परामर्श सेवाएं तथा तकनीकी परियोजनाओं का संचालन करेंगे। इसके साथ ही तकनीकी शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास तथा अनुसंधान गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
साझेदारी के अंतर्गत विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और डीकार्बोनाइजेशन तकनीकों पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा आईटीआई के प्रशिक्षुओं, प्रशिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों और किसानों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे, जिससे स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के उपयोग और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिल सके।
क्रिस्प और मैनिट ने विश्वास जताया कि यह सहयोग शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करेगा। साथ ही नवाचार, तकनीकी हस्तांतरण और उद्योगोन्मुखी कौशल विकास के माध्यम से देश में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


















