भोपाल, 28 जुलाई।
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी की धीमी रफ्तार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर किसानों के हित में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए खरीद लक्ष्य की तुलना में अब तक केवल दो प्रतिशत मूंग की खरीदी हो सकी है, जिससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है।
मंगलवार को लिखे पत्र में कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य है। उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश से 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो देश की कुल सरकारी मूंग खरीद का लगभग 87 प्रतिशत है। इसके बावजूद मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 16 जुलाई तक तय लक्ष्य का केवल दो प्रतिशत ही खरीदा जा सका।
उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद की सुस्त प्रक्रिया किसानों के साथ अन्याय है। यदि केंद्र सरकार ने इतना बड़ा खरीद लक्ष्य स्वीकृत किया है तो राज्य सरकार को तत्काल व्यापक स्तर पर खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सके और उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े।
मूंग खरीदी को लेकर किसानों का बढ़ा विरोध
प्रदेश में एमएसपी पर मूंग खरीदी में देरी और कथित अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। हरदा और बैतूल सहित कई जिलों में किसान प्रदर्शन कर चुके हैं और खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग उठा रहे हैं। विपक्षी कांग्रेस भी इस मुद्दे को लगातार उठाते हुए सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगा रही है। कमलनाथ ने अपने पत्र में किसानों की समस्याओं को देखते हुए मूंग खरीदी अभियान में तत्काल तेजी लाने और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।


















