तेहरान, 28 जुलाई।
ईरान में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष के बाद प्राकृतिक गैस उत्पादन में भारी गिरावट आने से सरकार ने नागरिकों से ऊर्जा बचाने की अपील की है। साथ ही आने वाले दिनों में बिजली कटौती की आशंका भी जताई गई है।
सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान की प्राकृतिक गैस उत्पादन क्षमता में प्रतिदिन करीब 23 करोड़ घन मीटर की कमी आई है। उन्होंने कहा कि गैस उत्पादन घटने के कारण रिफाइनरियों और बिजलीघरों को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मौजूदा परिस्थितियों में ऊर्जा की बचत करना जरूरी है, ताकि सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके और बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर रखा जा सके।
इस बीच, ईरान चैंबर ऑफ कॉमर्स के ऊर्जा आयोग ने भी चेतावनी दी है कि देश में प्रतिदिन गैस की कमी बढ़कर 30 से 45 करोड़ घन मीटर तक पहुंच गई है। आयोग के अनुसार, ईरान इस समय 15,000 मेगावाट से अधिक बिजली की कमी का सामना कर रहा है। इसके अलावा पेट्रोल उत्पादन भी घरेलू मांग से कम बताया गया है।
ऊर्जा आयोग के प्रमुख अराश नजाफी ने कहा कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो सर्दियों के दौरान कुछ ग्रामीण इलाकों में गैस आपूर्ति रोकने की नौबत आ सकती है। ऐसी स्थिति में प्रभावित गांवों को तरल ईंधन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
इससे पहले ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने भी लोगों से एयर कंडीशनर का सीमित इस्तेमाल करने की अपील की थी, ताकि खासकर दक्षिणी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बनाए रखी जा सके। इन इलाकों में हाल के दिनों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है, जिससे बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।


















