उदयपुर, 16 सितंबर।
उदयपुर नगर निगम के चर्चित भूखंड घोटाले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान 51 वर्षीय भंवर सिंह राव, निवासी आमेट, जिला राजसमंद के रूप में हुई है। उस पर गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने और नगर निगम से अपने नाम लीज डीड जारी कराने का आरोप है।
एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, वर्ष 2004 में नगर विकास प्रन्यास, उदयपुर से नगर निगम को हस्तांतरित खाली और निरस्त भूखंडों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लीज डीड जारी कराने का मामला सामने आया था। इस संबंध में सूरजपोल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
एसओजी की जांच और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ में भंवर सिंह राव की भूमिका सामने आई। आरोप है कि उसने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर हिरण मगरी सेक्टर-11 स्थित भूखंड संख्या 1165 के फर्जी दस्तावेज अपने मृतक पिता के नाम से तैयार करवाए।
इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम उदयपुर से अपने नाम लीज डीड जारी करवा ली। लीज डीड मिलने के बाद उसने भूखंड बेच दिया और बिक्री से प्राप्त रकम अपने बैंक खाते में जमा करवा ली।
जांच में आरोपित के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद एसपी एसओजी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। एसओजी यूनिट उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी की टीम ने तलाश कर भंवर सिंह राव को गिरफ्तार किया।
एसओजी के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपितों सहित अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के साथ भू-माफिया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
















