जोधपुर, 24 सितम्बर।
जोधपुर के 12वीं रोड सर्किल पर गत 10 मई को एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए शाहरुख की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया और वे बड़ी संख्या में महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए।
पुलिस इस मामले में पहले ही त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज दस दिनों के भीतर सात आरोपियों को धर दबोचा था। इनमें से अधिकांश आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि कुछ को जमानत मिल चुकी है। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले एक दशक से पुरानी और खूनी रंजिश चल रही है, जिसके चलते पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सरदारपुरा थानाधिकारी किशनलाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने घटना के सिलसिले में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से कुछ जेल में बंद हैं और कुछ जमानत पर बाहर हैं। घायल शाहरुख को अस्पताल से करीब 10-12 दिन बाद ही छुट्टी मिल गई थी, लेकिन घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद आज सुबह उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस इस मामले में अभी भी अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला बोम्बे मोटर्स निवासी नादिर खान पुत्र सिकंदर खान की शिकायत पर 10 मई को दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि सुबह करीब 6 बजे शाहरुख खान और उसका दोस्त मोहसिन मोटरसाइकिल पर सवार होकर दल्ले खां की चक्की से पांचवीं रोड की तरफ जा रहे थे। जब वे बारहवीं रोड चौराहा मंदिर के पास पहुंचे, तो पीछे से दो कारों में सवार वसीम, बरकत, प्रिंस, शौकत उर्फ भासा, इस्हाक कुरैशी, जावेद उर्फ टाइगर और 2-3 अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया।
आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वसीम ने अपनी कार से शाहरुख की बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों नीचे गिर गए। इसके बाद जब शाहरुख जान बचाकर भागा, तो दूसरी कार में सवार शौकत उर्फ भासा ने अपनी कार से उसे फिर से टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद कारों से उतरे वसीम और प्रिंस के हाथों में तलवारें थीं, जिन्होंने शाहरुख के सिर, आंख और शरीर के अन्य संवेदनशील अंगों पर कातिलाना हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में शाहरुख को गंभीर चोटें और फ्रैक्चर आए, जबकि कार की टक्कर से मोहसिन के पैरों में भी चोटें लग गईं। गंभीर हालत में शरीफ खान उसे ऑटो रिक्शा के जरिए मथुरादास माथुर अस्पताल लेकर पहुंचा था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक शाहरुख खांडासा में वर्ष 2021 में हुए एक अन्य हत्याकांड के मामले में मुख्य गवाह था। आरोपी वसीम, जावेद उर्फ टाइगर और अन्य इस मामले में आरोपी थे और वे लगातार शाहरुख पर अदालत में अपने बयानों से मुकरने का दबाव बना रहे थे। हालांकि, शाहरुख और अन्य गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में सच्चे बयान दर्ज कराए थे। गवाही से नाराज आरोपी जमानत पर छूटने के बाद से लगातार गवाहों को धमका रहे थे और उन पर हमले कर रहे थे। इससे पहले 17 अप्रैल को भी इन लोगों ने जानलेवा हमले की कोशिश की थी, जिसकी शिकायत देवनगर थाने में दर्ज कराई गई थी। इस पूरे षड्यंत्र की साजिश बरकत खान नसरानी और शाकिर खान द्वारा रची गई थी। पुलिस इस पुराने विवाद और आपसी रंजिश के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
















