सुपौल, 24 सितंबर।
सुपौल जिला परिवहन कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पटना से आई विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो) की विशेष टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कार्यालय के ही डाटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार को 15 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया। इस औचक कार्रवाई से परिवहन कार्यालय के भीतर हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई और अन्य कर्मियों के बीच भी हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ललितग्राम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मधुबनी निवासी अजहर अली ने डाटा ऑपरेटर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की आधिकारिक शिकायत विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो से की थी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने अपनी आंतरिक जांच के जरिए मामले की सत्यता को परखा। आरोपों की पुष्टि होने के बाद पटना से विजिलेंस के डीएसपी विद्याचल प्रसाद के नेतृत्व में एक नौ सदस्यीय विशेष टीम सुपौल पहुंची और सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर आरोपी डाटा ऑपरेटर को रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा।
सफल ट्रैप कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपने साथ रवाना हो गई। विजिलेंस के डीएसपी विद्याचल प्रसाद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है और प्रकरण में आगामी अनुसंधान जारी है। सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई को लेकर पूरे शहर और विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर गर्म है।
















