रायपुर, 17 सितंबर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मोबाइल चोरी और लूटपाट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कबीर नगर पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस संगठित गिरोह के तार रायपुर से होते हुए पड़ोसी राज्य ओडिशा और राजस्थान तक फैले हुए थे। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 14 महंगे मोबाइल फोन तथा दो लैपटॉप बरामद किए गए हैं। शुरुआती पूछताछ में इस गिरोह द्वारा लगभग सौ से अधिक मोबाइल चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दिए जाने का खुलासा हुआ है।
यह पूरी कार्रवाई पश्चिमी जोन के पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से की गई। जांच के दौरान रावाभाटा क्षेत्र से शहजाद अली उर्फ भिंडी को पकड़ा गया, जिसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर इस पूरे नेटवर्क का सुराग मिला। शहजाद की निशानदेही पर पुलिस ने उसके अन्य स्थानीय साथियों कृष दीप और गौरव मझखंड को भी धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि रायपुर में चोरी या लूटे गए फोनों को स्थानीय बाजार में खपाने के बजाय सीधे बस या अन्य माध्यमों से ओडिशा भेजा जाता था।
ओडिशा के राजखरीयार स्थित तुकला गांव निवासी भोदेव मेहर इन मोबाइलों को रिसीव करता था और दुकान की आड़ में सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल करके उनके लॉक तोड़ता था। जिन फोनों के लॉक नहीं खुलते थे, उनमें स्क्रैप से निकाले गए स्पेयर मदरबोर्ड्स को फिट कर दिया जाता था, जिससे विशेष तौर पर आईफोन और सैमसंग जैसे ब्रांडेड स्मार्टफोन्स की पहचान पूरी तरह बदल जाती थी। इसके बाद भी जो फोन अनलॉक नहीं हो पाते थे, उन्हें राजस्थान के कोटा शहर में रहने वाले आकाश परेटा के पास भेज दिया जाता था, जो उन्हें सॉफ्टवेयर के जरिए अनलॉक कर बाजार में बेच देता था।
स्थानीय थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस और फील्ड इन्वेस्टिगेशन के जरिए इस पूरी सप्लाई चेन को बेनकाब किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस गिरोह में चोरी करने वालों से लेकर उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने, उनके लॉक तोड़ने, मदरबोर्ड बदलने और अंततः ग्राहकों को बेचने वाले सभी आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शहजाद अली, गौरव मझखंड, कृष दीप (सभी रायपुर निवासी), भोदेव मेहर (ओडिशा) और आकाश परेटा (राजस्थान) शामिल हैं। पुलिस इस मामले में आगे की विस्तृत जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
















