बांदा, 17 सितंबर।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जिसमें गुजरात के वडोदरा में तैनात एक जीएसटी इंस्पेक्टर पति और उसके परिजनों पर दहेज की बड़ी मांग पूरी न करने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और घर से निकालने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद न्याय की गुहार लगाई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी छानबीन शुरू कर दी है।
बांदा की रहने वाली आस्था सिंह चंदेल का विवाह इसी वर्ष 25 फरवरी को आगरा के रहने वाले जीएसटी इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह चौहान के साथ राजस्थान के भरतपुर स्थित एक रिजॉर्ट में संपन्न हुआ था। पीड़िता के परिवार का दावा है कि शादी में तय किए गए समझौतों के तहत लगभग 51 लाख रुपये नकद, आरटीजीएस के माध्यम से भारी रकम, वाहन के लिए करीब 20 लाख रुपये और अन्य साजो-सामान दिए गए थे। इसके अलावा वरीक्षा, सगाई और विवाह समारोह की होटल बुकिंग व सजावट पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख किया गया है।
शिकायत के अनुसार, इतना सब कुछ मिलने के बावजूद पति, ससुर, सास, देवर और नानी सास की भूख शांत नहीं हुई। आरोप है कि पहले 20 लाख की गाड़ी तय होने के बाद अचानक 42 लाख रुपये की लक्जरी कार की मांग की जाने लगी और विवाह के दिन भी विदाई रोकने का प्रयास किया गया। रिश्तेदारों की मध्यस्थता के बाद किसी तरह विदाई हुई, लेकिन ससुराल पहुंचते ही प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया। मायके से लौटने के बाद भी विवाहिता को बार-बार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि पति उसे गुजरात के वडोदरा भी ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई, गला दबाने की कोशिश हुई और झूठे मामलों में थाने तक में उलझाया गया। जब पीड़िता के पिता वहां पहुंचे तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इसके अतिरिक्त पति पर अन्य महिला से अवैध संबंधों का जिक्र करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और आत्महत्या कर पूरे परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। महिला थाने में उचित कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया, जहां से निर्देश मिलने के बाद अंततः मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
















