लखनऊ, 18 सितंबर।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में लकड़ी के बक्से में मिले युवक के शव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। इसके बाद शव को लकड़ी के बक्से में रखकर झाड़ियों में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है, इनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
दक्षिणी पुलिस उपायुक्त मो. मुश्ताक के अनुसार, दुबग्गा क्षेत्र के छन्दोइयाखेड़ा निवासी कविता ने पति रामकिशोर की हत्या और शव छिपाने को लेकर शिकायत दी थी। मामले की जांच के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई थीं। जांच के दौरान सूफिया बानो, मुन्ना और मो. इकबाल को गिरफ्तार किया गया। एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया। आरोपितों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल हथियार और घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद किया गया है।
पुलिस पूछताछ में सूफिया बानो ने बताया कि रामकिशोर वाल्मीकि के साथ उसके करीब चार वर्ष से संबंध थे और दो वर्ष पहले दोनों ने निकाह कर लिया था। बाद में उसके संबंध मुन्ना से भी हो गए। रामकिशोर को इसकी जानकारी होने पर वह विरोध करने लगा। वह अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास आने-जाने और उसे खर्च देने लगा, जिसका सूफिया विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद सूफिया ने मुन्ना और उसके साथी मो. इकबाल उर्फ बसीर अहमद के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 14 सितंबर की रात रामकिशोर के सोने के दौरान दोनों ने चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद सूफिया ने अपने नाबालिग बेटे को बुलाया और सभी ने शव को लकड़ी के बक्से में रखकर घर में छिपा दिया।
15 सितंबर की रात शव को ई-रिक्शा लोडर से कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया गया। पुलिस को शव मिलने और जांच आगे बढ़ने की जानकारी के बाद आरोपित छिप गए थे। पुलिस के अनुसार, चारों लखनऊ से बाहर जाने की तैयारी में थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
















