चंडीगढ़, 18 सितंबर।
पंजाब के अमृतसर में गुरुवार देर रात ड्यूटी पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना रात करीब ढाई बजे की है।
हरजीत सिंह गेट हकीमां थाने में तैनात थे और उस समय दाना मंडी इलाके में गश्त की ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर गोली चला दी और मौके से फरार हो गए।
गोलीबारी की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल हरजीत सिंह को उपचार के लिए अमनदीप अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरजीत सिंह पंजाब के तरनतारन जिले के रहने वाले थे। हमले के बाद तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के संगठन की ओर से घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है। पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को सम्मान स्वरूप सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
इसके अलावा एचडीएफसी बैंक की ओर से भी शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये का चेक दिया जाएगा।
पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि हमले की जांच के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।
उन्होंने कहा कि हमले की वजह और आरोपितों की पहचान जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
















