पश्चिम बर्दवान, 19 सितंबर।
पश्चिम बंगाल में साइबर ठगी के काले कारोबार पर नकेल कसने के उद्देश्य से आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में शनिवार को पुलिस बल ने बराकर के दासपाड़ा क्षेत्र में एक बड़ा और सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके तहत संदिग्ध ठिकानों पर घर-घर जाकर बारीकी से जांच की गई। अचानक हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
यह छापामार कार्रवाई नियामतपुर-मोचीपाड़ा क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे साइबर अपराधियों के नेटवर्क की जड़ें टटोलने के लिए चलाई जा रही जांच का एक अहम हिस्सा है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद डिटेक्टिव विंग और साइबर सेल की संयुक्त टीमें शिल्पांचल के विभिन्न हिस्सों में लगातार दबिश दे रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य मोचीपाड़ा से जुड़े इस अवैध नेटवर्क के प्रत्येक तार को जोड़ना है। इस दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ भी की है, जिसमें नियामतपुर निवासी सुबोध दीप बनर्जी की गिरफ्तारी और लच्छीपुर के लालबत्ती इलाके से एक अन्य युवक को हिरासत में लिया जाना शामिल है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की गई है, ताकि पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस इस पूरे मामले में तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है जिसके तहत बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल कॉलिंग डेटा और अन्य डिजिटल माध्यमों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। हालांकि, शनिवार को दासपाड़ा में हुई इस छापेमारी के दौरान कुल कितनी बरामदगी हुई और कितने लोगों पर शिकंजा कसा गया है, इस संबंध में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
















