सागर, 19 सितंबर।
सागर जिले में ‘सागर गोल्ड’ के नाम से नकली शराब तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में अब तक 52 लोगों को आरोपित बनाया है, जिनमें से 37 की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों तक फैला होने की जानकारी सामने आई है।
यह कार्रवाई 6 सितंबर को बंडा थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत और बीमार होने की सूचना के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर की गई। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन में विशेष टीमों ने गिरोह से जुड़े लोगों और उसके नेटवर्क की पड़ताल की।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित चंदू राजा ने मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे और उसके साथियों के साथ मिलकर ततरवारा गांव में नकली शराब तैयार करने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में शराब खपाने के लिए लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों की आड़ का इस्तेमाल किया गया। जांच में सिद्धार्थ कुशवाहा और मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर के नाम भी सामने आए हैं।
पुलिस के मुताबिक नकली शराब बनाने के लिए दिल्ली से लॉजिस्टिक कंपनी के जरिए औद्योगिक स्पिरिट के पांच ड्रम सागर मंगाए गए थे। इन्हें ततरवारा पहुंचाया गया, जहां कथित तौर पर नकली शराब तैयार की जा रही थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जहरीली शराब के सेवन से गिरोह के कथित सरगना दिनेश शिवहरे की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे सागर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन साथियों ने डॉक्टर की अनुमति के बिना उसे वापस मुरैना ले जाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार रास्ते में उसकी मौत हो गई। एक अन्य आरोपित देवा उर्फ देवेंद्र जाटव की आंखों की रोशनी जाने की जानकारी भी पुलिस जांच में सामने आई है।
गिरोह का नेटवर्क खंगालने के लिए पुलिस टीमों ने ग्वालियर, मुरैना और नई दिल्ली में भी दबिश दी। कार्रवाई में नकली शराब बनाने और पैकिंग से जुड़ी सामग्री जब्त की गई। इसमें 180 एमएल की बोतल बनाने वाली मशीनें, ‘बॉम्बे’ डाई मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, 250 कैप्सूल, 900 भरी हुई नकली शराब की बोतलें, सीलिंग मशीन और अन्य पैकिंग सामग्री शामिल है।
पुलिस ने गिरफ्तार प्रमुख आरोपितों में ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिन्कू उर्फ सुरेंद्र उचोडिया जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव, राजू सेंगर, पंकज राय, अनुपम गिरी और आरएन केमिकल फर्म के संचालक रोहित पटेल को शामिल बताया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनकी भूमिका की जांच जारी है। अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगालते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
















