नई दिल्ली, 22 सितंबर।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके दोस्त को पार्क के गेट नंबर सात के पास रोका और दोनों को अलग कर दिया।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद किशोरी को पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले जाया गया। आरोप है कि वहां आसिफ नाम के युवक ने पिस्टल और चाकू दिखाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। उसके दो साथियों पर भी किशोरी के साथ यौन अपराध करने का आरोप है।
घटना के बाद तीनों आरोपितों ने किशोरी और उसके दोस्त को किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। रविवार रात करीब 8:45 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद अमर कॉलोनी थाने की टीम आस्था कुंज पार्क पहुंची।
पुलिस ने किशोरी की चिकित्सकीय जांच एम्स में कराई। घटनास्थल पर अपराध टीम और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। किशोरी के बयान के आधार पर अमर कॉलोनी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। इसी दौरान दक्षिण-पूर्वी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम को जानकारी मिली कि आसिफ अमर कॉलोनी में डीएम कार्यालय रोड के पास पहुंचने वाला है।
इंस्पेक्टर राजेंद्र डागर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर आसिफ को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर उसने पुलिस टीम पर तीन गोलियां चलाईं। आत्मसमर्पण के लिए कहे जाने के बाद भी उसने फायरिंग जारी रखी।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल राजेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। आत्मरक्षा में हेड कांस्टेबल राजेश ने दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक आसिफ के दाहिने पैर में लगी।
घायल आसिफ को उपचार के लिए तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। घटनास्थल पर क्राइम टीम और एफएसएल टीम ने जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब मामले में फरार दो अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है।















