सिवनी, 22 सितंबर।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल के बरघाट वन परिक्षेत्र में खेत में करंट बिछाकर मादा गौर का शिकार करने का मामला सामने आया है। आमागढ़ वृत्त के बीट आमागढ़ स्थित कक्ष क्रमांक आर-139 से लगे खेतों में 20 सितंबर को वन अमले को मादा गौर मृत अवस्था में मिली थी। मामले में वन विभाग ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर मंगलवार को जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
बरघाट वन परिक्षेत्र अधिकारी पीयूष गौतम ने बताया कि गश्ती के दौरान वनकर्मियों को खेत में मादा गौर का शव मिला था। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में खेतों में बांस की खूंटियां लगाने के लिए बनाए गए गड्ढे और करंट फैलाने के साक्ष्य मिले। वन्यप्राणी की करंट से मौत की आशंका को देखते हुए डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के खेतों में भी जांच की गई।
जांच के दौरान खेती करने वाले ठेकेदार अभिषेक चौरसिया के खेत से करंट फैलाने में इस्तेमाल की गई खूंटियां और तार बरामद किए गए। इन्हें वन विभाग ने जब्त कर लिया। पूछताछ में अभिषेक चौरसिया ने कथित तौर पर बताया कि 19 सितंबर की रात खेत के आसपास उपलब्ध विद्युत लाइन से करंट फैलाया गया था। इसी करंट की चपेट में आने से गौर की मौत होने की बात सामने आई।
पूछताछ में अभिषेक ने इस काम में टिकाड़ी निवासी इंद्रेश चौरसिया के सहयोग की जानकारी दी। वन अमले की पूछताछ में इंद्रेश ने भी कथित तौर पर अपराध में सहयोग करने की बात स्वीकार की।
वन विभाग ने दोनों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 38515/04, 20 सितंबर 2026 दर्ज किया है। वन विभाग के अनुसार वन्यप्राणी की मौत से जुड़े अन्य तथ्यों और घटनाक्रम की जांच जारी है। मंगलवार को दोनों आरोपितों को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
















