जोधपुर, 22 सितंबर।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जोधपुर में मंगलवार को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राज नरेश यादव की मौत का मामला सामने आया। वह एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत थे और मंगलवार को ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी पर थे। घटना की सूचना मिलने के बाद एम्स प्रशासन ने पुलिस को जानकारी दी। बासनी थाना पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी है। उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि अलवर निवासी 31 वर्षीय डॉ. राज नरेश यादव दोपहर में ड्यूटी के दौरान ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकले थे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक वापस नहीं लौटने पर साथी डॉक्टरों ने उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तलाश के दौरान डॉक्टर ओटी परिसर के ब्रेक रूम में पहुंचे। वहां बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था।
काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर साथी डॉक्टरों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर डॉ. राज नरेश अचेत अवस्था में मिले। उन्हें बाहर निकालकर सीपीआर दिया गया और आपातकालीन उपचार देने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
थानाधिकारी के अनुसार प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला सामने आया है। घटना के पीछे के कारणों और परिस्थितियों का अभी पता नहीं चल पाया है। एम्स प्रशासन भी अपने स्तर पर मामले की जांच करेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है। फिलहाल एम्स की ओर से मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
डॉ. राज नरेश यादव ने जोधपुर एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह दिल्ली चले गए थे। करीब चार से पांच वर्ष के अंतराल के बाद उन्होंने पीजी की परीक्षा दी थी। पिछले वर्ष उन्हें एम्स जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में प्रवेश मिला था और यह उनकी रेजिडेंसी का पहला वर्ष था। इस दौरान उन पर किसी तरह के दबाव या परेशानी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
















