बिजनौर, 23 सितंबर।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तराखंड के काशीपुर के रहने वाले एक युवक ने नगीना देहात थाने में तैनात एक उप-निरीक्षक (दरोगा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शांतिभंग के मामले में जमानत मिलने के बाद भी दरोगा ने डरा-धमकाकर उससे कुल 21 हजार रुपये वसूल लिए। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित युवक सुहैल अब्बास, जो काशीपुर के मिस्सरवाला गांव का रहने वाला है, ने वीडियो के माध्यम से अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले उसका अपनी पत्नी से पारिवारिक विवाद हो गया था। इसी सिलसिले में 18 सितंबर को जब वह अपनी पत्नी को लेने जोगीरंपुरी दरगाह पहुंचा, तो वहां हुए विवाद के बाद पत्नी ने नगीना देहात थाने में उसकी शिकायत दर्ज करा दी। सुहैल का आरोप है कि पुलिस ने उसे थाने बुलाकर न सिर्फ पूरी रात बैठाए रखा, बल्कि दरोगा बादशाह खान ने उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। अगले दिन उसका शांतिभंग की धाराओं में चालान कर एसडीएम कोर्ट भेज दिया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
आरोप है कि अदालत से जमानत मिलने के तुरंत बाद दो सिपाही उसे दोबारा पकड़कर थाने ले आए और दरोगा के निजी कमरे में बंद कर दिया, जहां उससे रुपयों की मांग की गई। पैसे न देने पर उसे किसी अन्य गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित का दावा है कि उससे 7 हजार रुपये नकद लिए गए, 12 हजार रुपये एक ऑनलाइन क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कराए गए और घर पहुंचने पर भी 2 हजार रुपये ऑनलाइन ऐंठे गए। इस तरह उससे कुल 21 हजार रुपये वसूले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के.के. विश्नोई ने इस पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ग्रामीण को सौंप दी है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
















