नोएडा, 23 सितंबर।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स की नोएडा यूनिट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और सेंधमारी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसएससी परीक्षाओं मेंॉॉ प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने वाले इस सिंडिकेट के तार तलाशते हुए एसटीएफ ने नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के बालाजी डिजिटल जोन कंप्यूटर लैब में हुई सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाली कंपनी 'एएसएसईएसएस इंफ्रा' के दो निदेशकों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि परीक्षा केंद्रों का चयन करना, उनका सुरक्षा ऑडिट कराना और केंद्र के संचालक व स्टाफ का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करना इसी कंपनी की जिम्मेदारी थी, जिसके एवज में उसे निर्धारित दरों पर भुगतान किया जाता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि बालाजी डिजिटल जोन को एसएससी परीक्षा केंद्र के रूप में इसी कंपनी ने चिन्हित किया था। इस केंद्र पर वर्ष 2025 से लेकर अब तक कुल 16 परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी ने इस केंद्र को कोई वैध भुगतान नहीं किया। इसके बदले में केंद्र संचालक को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने की खुली छूट दी जाती थी, जिसकी आड़ में अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूलकर नकल का काला कारोबार चलाया जाता था।
यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों के दर्जनों संदिग्ध केंद्रों तक फैला हुआ है। इससे पहले अप्रैल 2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में भी इसी तरह प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने का मामला पकड़ा गया था, जहां दून कोतवाली में दर्ज मुकदमे में प्रदीप चौहान का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था। बावजूद इसके, ग्रेटर नोएडा में उसी प्रदीप चौहान की दूसरी लैब 'बालाजी डिजिटल जोन' को फिर से परीक्षा केंद्र बना दिया गया। परीक्षा केंद्रों के चयन में इस गंभीर लापरवाही और मिलीभगत के पुख्ता सबूत मिलने के बाद एसटीएफ ने 'एएसएसईएसएस इंफ्रा' के डायरेक्टर गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह को दबोच लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
















