मुरैना, 11 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने शनिवार को दिवंगत वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर की स्मृति में कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सभी ने एक स्वर में उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग भी उठाई। प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस मार्च का आयोजन किया।
जिला मुख्यालय मुरैना में यह कैंडल मार्च पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर अमर शहीद पंडित रामप्रसाद विस्मिल संग्रहालय तक पहुंचा। यहां संग्रहालय के मुख्य द्वार पर हरिकेश गुर्जर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। उपस्थित कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि कर्तव्य निभाते हुए प्राण गंवाने वाले आरक्षक को शहीद का दर्जा देकर नियमानुसार सहायता प्रदान की जाए।
चार दिन पूर्व दिमनी थाना क्षेत्र के रानपुर तिराहे पर अवैध रेत परिवहन को रोकने के प्रयास में यह घटना हुई थी। वन विभाग की टीम के साथ मौजूद हरिकेश गुर्जर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की, तभी चालक ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
गौरतलब है कि चम्बल नदी के विस्तृत क्षेत्र को राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभ्यारण्य घोषित किया गया है, जहां रेत खनन और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी के तहत 8 अप्रैल की सुबह अवैध खनन में लगे वाहन को रोकने की कार्रवाई की जा रही थी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेशभर में इस घटना को लेकर शोक की लहर है और सभी ने एकजुट होकर दिवंगत आरक्षक को सम्मान देने का संकल्प लिया है।




.jpg)




.jpg)
_(1).jpg)

.jpg)