कोलकाता, 08 अप्रैल 2026।
तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के चुनाव अधिकारियों पर भाजपा के पक्ष में पक्षपात करने का आरोप लगाया। पार्टी ने विशेष रूप से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
पत्र तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों डेरेक ओ ब्रायन, सागरिका घोष, मेनका गुरुस्वामी और साकेत गोखले ने संयुक्त रूप से भेजा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि पूर्वी मिदनापुर के नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ देखा गया, जिससे उनकी निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
इस बार नंदीग्राम से भाजपा के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक शुभेंदु अधिकारी राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैदान में हैं। पार्टी ने अपने पत्र में कहा कि कालिचरणपुर क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारी तपन कुमार महापात्र को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ घूमते देखा गया। उनका कहना है कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति का चुनाव प्रशासन के साथ यह निकट संबंध चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
पत्र में सूरजित राय का भी उल्लेख किया गया है, जो पहले नंदीग्राम द्वितीय प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी थे। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि उनके शुभेंदु अधिकारी के साथ निकट संबंध पहले भी सामने आ चुके हैं, फिर भी उन्हें नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचन अधिकारी बनाया गया।
पार्टी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त कुछ अन्य अधिकारियों के भी भाजपा नेताओं से निकट संबंध रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस ने आयोग से तुरंत संज्ञान लेने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सभी चुनाव अधिकारी व्यवहार और छवि दोनों स्तर पर पूरी तरह निष्पक्ष दिखाई दें।








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