नई दिल्ली, 06 मई
डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई ने अप्रैल 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2235 करोड़ लेनदेन दर्ज किए हैं। इससे देश में डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग और मजबूत होती प्रवृत्ति का संकेत मिला है।
वित्तीय सेवा विभाग की ओर से बताया गया कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि यूपीआई के माध्यम से देशभर में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं और शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। इस उपलब्धि को लेकर कहा गया कि भारत ने डिजिटल भुगतान क्रांति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भी यूपीआई ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसमें कुल 24162 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए, जिनका मूल्य लगभग 314 लाख करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली पर लोगों की निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार यूपीआई की सफलता का मुख्य कारण इसकी सरल प्रक्रिया, तेज भुगतान सुविधा और विभिन्न प्लेटफॉर्मों के बीच आसान जुड़ाव है। इसके चलते छोटे व्यापारी, उपभोक्ता और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी डिजिटल भुगतान को तेजी से अपना रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार यूपीआई अब देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन उपयोग में वृद्धि, डिजिटल ढांचे के विस्तार और नकद रहित लेनदेन को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने इस प्रणाली को और मजबूती दी है, जिसका असर वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी जारी है।





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