भोपाल, 15 मई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले की भोजशाला से जुड़े लंबे समय से चल रहे प्रकरण में न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह माना है कि यह स्थल भोजशाला ही था, जहां राजा भोज ने मां वाग्देवी के माध्यम से इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता स्थापित की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय के बाद इस स्थान के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए विधिसम्मत तरीके से विदेश से मां वाग्देवी की प्रतिमा लाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह बात मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कही।
डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस निर्णय पर बधाई देते हुए अपील की कि सभी लोग न्यायालय के फैसले को स्वीकार करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अयोध्या प्रकरण के बाद जिस तरह देश में भाईचारे की मिसाल कायम हुई थी, उसी प्रकार मध्यप्रदेश भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय के निर्णय के आधार पर समाधान को स्वीकार करते हुए आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करना चाहिए, ताकि यह एक स्थायी समाधान के रूप में स्थापित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक स्थलों को और अधिक गौरवमयी बनाने के प्रयास किए जाएंगे।










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