नई दिल्ली, 15 मई।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 16 मई को सिक्किम के राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने के लिए गंगटोक का दौरा करेंगे। उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद यह उनकी इस राज्य की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
हर वर्ष 16 मई को मनाया जाने वाला सिक्किम स्थापना दिवस उस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में आयोजित होता है, जब सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना था। यह दिन केवल राजनीतिक परिवर्तन का प्रतीक नहीं है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत, एकता और पहचान के उत्सव के रूप में भी देखा जाता है।
आजादी के बाद सिक्किम लंबे समय तक एक स्वतंत्र राजशाही के रूप में रहा और 1947 के बाद भारत के साथ एक विशेष समझौते के तहत संरक्षित राज्य बना। यह स्थिति 1975 तक जारी रही, जिसके बाद सिक्किम भारत का पूर्ण राज्य बना।
देश का सबसे छोटा राज्य होने के बावजूद सिक्किम अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है, जहां 200 से अधिक बौद्ध मठ स्थित हैं। यहां हिंदू और बौद्ध धर्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जो लेपचा, भूटिया और नेपाली समुदायों की परंपराओं, मान्यताओं और सांस्कृतिक मूल्यों के मेल से विकसित हुआ है।














