राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा की एक छात्रा द्वारा घर में फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दो युवक लंबे समय से एआई तकनीक से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग शव के साथ थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भी तथ्यों की पड़ताल जारी है।
परिवार का कहना है कि छात्रा अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ ऐशबाग क्षेत्र में रहती थी, जबकि उसके पिता बिट्टन मार्केट में कपड़े की दुकान चलाते हैं। आरोप है कि छोला क्षेत्र के दो युवक सोशल मीडिया से उसकी तस्वीरें लेकर एआई की मदद से आपत्तिजनक चित्र तैयार करते थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लगातार दबाव बना रहे थे। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार छात्रा के पिता के साथ भी बदसलूकी की गई, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से पहले शिकायत नहीं की गई।
यह भी बताया गया कि आरोपी छात्रा का स्कूल आते-जाते पीछा करते थे और उससे मिलने का दबाव बनाते थे, हालांकि उसकी आरोपियों से कोई प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हुई थी। परिवार के अनुसार गुरुवार रात छात्रा सामान्य अवस्था में थी, उसने छोटी बहन को सामान लेने के लिए बाहर भेजा और इसी दौरान कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। लौटने पर बहन ने उसे फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद शुक्रवार को परिजन और स्थानीय लोग शव लेकर ऐशबाग थाने पहुंचे और घेराव कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस को पहले ही नाम और ब्लैकमेलिंग की जानकारी दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।










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