खरगोन, 29 अप्रैल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को अपने खरगोन दौरे के दौरान मंडलेश्वर अनुभाग के जलूद क्षेत्र में 60 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में इस परियोजना को देखा जा रहा है।
जनसम्पर्क अधिकारी पुष्पेन्द्र वास्कले के अनुसार इंदौर नगर निगम द्वारा इस आधुनिक सौर संयंत्र की स्थापना भारत सरकार की सीपीएसयू फेस-2 योजना के तहत लगभग 271 करोड़ रुपये की लागत से की गई है। यह परियोजना इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में सहायक बनेगी।
अधिकारी ने बताया कि ग्राम समराज और आशुखेड़ी में विकसित इस परियोजना की कुल कर रहित लागत 271.16 करोड़ रुपये है। इसके लिए इंदौर नगर निगम को करीब 42 करोड़ रुपये की वायबिलटी गैप फंडिंग और 244 करोड़ रुपये पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। करीब 210.84 एकड़ क्षेत्र में फैली यह परियोजना अत्याधुनिक डीसीआर तकनीक पर आधारित है।
इस सौर संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है। इसकी कमीशनिंग 03 मार्च 2026 को पूरी हो चुकी है और मार्च महीने में ही 66 लाख यूनिट उत्पादन से इंदौर नगर निगम को लगभग 3.6 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
मासिक स्तर पर इस परियोजना से 3 से 4 करोड़ रुपये तक की बचत का अनुमान है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






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