भोपाल, 10 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बालाघाट जिले में नक्सल उन्मूलन के बाद विकास कार्यों की गति को और अधिक तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते प्रदेश में नक्सल तत्वों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बालाघाट सहित अन्य क्षेत्रों में अब विकास कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनजातीय समाज की प्रतिभाओं को विभिन्न महोत्सवों के माध्यम से मंच उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समत्व भवन में आगामी माह बालाघाट में प्रस्तावित जनजातीय महोत्सव को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, मुख्य सचिव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव में सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने धरती आबा अभियान के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही शिक्षा सुविधाओं के विस्तार, महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण, रोजगार उपलब्ध कराने, दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचाने तथा नक्सल प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। “एक बगिया मां के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधियों के आयोजन और आराधना स्थलों के विकास कार्यों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
जनजातीय महोत्सव में बैगा समुदाय की लोक परंपराओं जैसे बिदरी, बीज पंडूम और बड़ा देव पूजा सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही बोरा दौड़, मटका रेस और तीरंदाजी जैसी खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
बैगा महिलाओं की गोदना कला के प्रदर्शन एवं कार्यशालाओं के साथ कोदो-कुटकी और महुआ से बने पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। पारंपरिक औषधीय ज्ञान रखने वाले विशेषज्ञों का सम्मेलन भी प्रस्तावित है तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। इस महोत्सव में बालाघाट के साथ-साथ निकटवर्ती जिलों और छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय की भागीदारी भी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने विभागीय सहभागिता की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, उच्च शिक्षा, वन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, ऊर्जा, कौशल विकास, उद्योग, सहकारिता, संस्कृति, पर्यटन, खनिज, गृह एवं जनसंपर्क विभाग इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।









_(1).jpg)
.jpg)

.jpg)