भोपाल, 07 मई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज में फिजूल खर्ची और दिखावे पर रोक लगाने का महत्वपूर्ण संदेश देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन संस्कृति में विवाह एक पवित्र बंधन है, जो जीवनभर की जिम्मेदारियों के साथ गृहस्थ जीवन की शुरुआत कराता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित 200 बेटियों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नवविवाहित वर-वधु को आशीर्वाद दिया और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि जब से समाज और सरकार ने सामूहिक विवाह का दायित्व उठाया है, तब से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने समाज के समृद्ध वर्ग से अपील की कि वे सादगी को अपनाएं और ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दें, जिससे अनावश्यक खर्च से बचा जा सके और संसाधनों का उपयोग परिवार के भविष्य निर्माण में किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में संपन्न कराया था। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित प्रबंध करना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत 1 लाख 70 हजार से अधिक बेटियों का विवाह कराया गया है, जिसमें लगभग 1000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहायता मिलती है और अब कर्ज लेने की आवश्यकता भी कम हुई है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार मिलकर ही सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। सामूहिक विवाह सम्मेलन आज समाज सेवा का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं।






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