झांसी, 13 अप्रैल।
धर्मांतरण के प्रयास के आरोप से जुड़ा मामला सामने आने के बाद की गई पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद तेज हो गया है। एक ओर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक महिला सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता पर जोर देते हैं, वहीं कोतवाली थाना क्षेत्र में सामने आए इस गंभीर प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।
दरअसल, कुछ दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें छात्राओं ने शिक्षक सोहेल पर गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं का कहना था कि आरोपी उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था, मुस्लिम धर्म की प्रशंसा करता था और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता था। इसके साथ ही आरोप यह भी लगाया गया कि वह अपने निजी मोबाइल नंबर से रात के समय संदेश भेजकर दबाव बनाता था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया, लेकिन गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय आरोपी के विरुद्ध केवल शांति भंग की धारा 151 के तहत चालान कर उसे छोड़ दिया गया। इस कदम के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों और विभिन्न संगठनों में आक्रोश बढ़ गया है।
विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री ने पुलिस कार्रवाई को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद हल्की धाराओं में कार्रवाई करना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उनके अनुसार यह केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह गई है, जिससे पीड़ित छात्राओं को न्याय मिलने की संभावना प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि 14 अप्रैल को वे पीड़ित छात्राओं के साथ आईजी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देंगे और निष्पक्ष जांच के साथ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। साथ ही कहा कि इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
इधर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि मामले में गिरफ्तारी योग्य धाराएं नहीं थीं, इसलिए केवल शांति भंग में चालान की कार्रवाई की गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।








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