कोलकाता, 15 मई।
पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास को गुरुवार को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कथित रंगदारी व जमीन कब्जाने वाले गिरोह से जुड़े मामले में की गई, जिसे वांछित अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पाप्पू’ और कारोबारी जय कामदार संचालित करते बताए जा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि जांच में सहयोग न करने के कारण यह कदम उठाया गया और उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में उनसे पूछताछ जारी थी, जो करीब साढ़े दस घंटे चली। इसी दौरान जानकारी छिपाने और जांच में असहयोग के आरोप सामने आने पर रात लगभग दस बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले भी उन्हें कई बार समन भेजा गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए थे। लगातार अनुपस्थिति के बाद एजेंसी ने उनके लोकेशन का पता लगाने के लिए सुरक्षा निदेशालय की मदद भी ली थी।
पुलिस एफआईआर में ‘सोना पाप्पू’ पर रंगदारी, दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं का उल्लेख है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह गिरोह संगठित अपराध के जरिए अवैध धन अर्जित करता था।
पिछले महीने ईडी ने डीसीपी के बालीगंज स्थित आवास और फर्न रोड फ्लैट सहित जय कामदार से जुड़े बेहाला ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई अहम दस्तावेज मिले थे। एक अप्रैल की कार्रवाई में 1.47 करोड़ रुपये नकद, सोना-चांदी और एक देसी रिवॉल्वर भी बरामद किए गए थे। वहीं ‘सोना पाप्पू’ अब भी फरार है और कई मामलों में वांछित बताया जा रहा है।
बताया गया है कि शांतनु सिन्हा विश्वास पहले कालीघाट थाने के प्रभारी रह चुके हैं और उनके नाम पर अवैध कोयला खनन तथा निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटा दाखिले में अनियमितताओं की जांच भी पहले से चल रही है।






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