इंदौर, 10 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेस के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन कांग्रेस की दो पार्षद नेत्रियों पर ‘वंदे मातरम’ के कथित अपमान के आरोप को लेकर आयोजित किया गया। शहर के सभी 85 वार्डों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक साथ कांग्रेस के पुतलों का दहन करते हुए विरोध दर्ज कराया और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ता तिरंगा लेकर एकत्रित हुए और प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस के पुतलों को जूते-चप्पलों से विरोध जताते हुए आग के हवाले किया गया। कार्यक्रम के समापन पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए और राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया।
भाजपा नेताओं ने इस दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता लगातार ऐसे कृत्य कर रहे हैं, जिससे देश की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश की अस्मिता और बलिदान का प्रतीक है और इसके प्रति अनादर किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाजपा पदाधिकारियों ने मांग रखी कि यदि कांग्रेस इस राष्ट्रगीत का सम्मान करती है, तो संबंधित पार्षद नेत्रियों को तत्काल पार्टी से बाहर किया जाए।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम की बैठक के दौरान पार्षद फौजिया शेख द्वारा ‘वंदे मातरम’ का विरोध किया गया, जिसे रुबीना इकबाल खान का समर्थन प्राप्त था। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर केवल बयान दे रही है और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। साथ ही यह भी कहा गया कि अन्य मामलों में कार्रवाई करने वाली कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
प्रदर्शन के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख चौराहों पर भाजपा के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। इस विरोध के बाद शहर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।









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