प्रयागराज, 12 मई।
प्रयागराज के एमपी-एमएलए न्यायालय ने मंगलवार को वर्ष 1980 में कचहरी परिसर में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए माफिया और पूर्व विधायक विजय मिश्रा सहित चार लोगों को दोषी करार दिया है। इस मामले में अदालत ने विजय मिश्रा के साथ बलराम, संतराम और जीत नारायण को भी हत्या का दोषी माना है। सजा पर निर्णय बुधवार को सुनाया जाएगा।
यह मामला 11 फरवरी 1980 का है, जब जिला कचहरी परिसर में प्रकाश नारायण पांडे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभियोजन के अनुसार घटना उस समय हुई जब पीड़ित अपने वकील की सीट पर बैठे थे। इसी दौरान विजय मिश्रा अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए थे।
इस मामले में वादी श्याम नारायण पांडे ने कर्नलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायालय में वादी का शपथपूर्वक बयान भी दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी विजय मिश्रा को आगरा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
गौरतलब है कि विजय मिश्रा पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, शस्त्र अधिनियम, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं समेत 77 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो विभिन्न जिलों से जुड़े हुए हैं। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर, मेरठ और हावड़ा तक के मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में वह पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं, जबकि कई मामलों की सुनवाई अभी भी जारी है।
इस ऐतिहासिक हत्याकांड में चार दशक बाद आए इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें बुधवार को होने वाली सजा पर टिकी हैं।



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