बड़वानी, 2 जून ।
बड़वानी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए आंगनवाड़ी सहायिका से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई रुके हुए मानदेय को जारी कराने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें परियोजना अधिकारी, विभागीय भृत्य और एक चाय दुकान संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम संगोदा निवासी आंगनवाड़ी सहायिका उर्मिला सोलंकी का लगभग आठ माह का मानदेय सितंबर 2025 से लंबित था, जिसे जारी कराने के लिए उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप है।
लगातार दबाव और भुगतान न मिलने से परेशान होकर पीड़िता ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
निर्धारित योजना के तहत मंगलवार को पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपये दिए गए, जिसे भृत्य के निर्देश पर चाय दुकान संचालक ने स्वीकार किया और इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने परियोजना अधिकारी, भृत्य और चाय दुकान संचालक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।











