जमुई, 02 जून ।
बिहार के जमुई जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। यहां एक सरकारी शिक्षिका और उनकी फुफेरी बहन के बीच जेंडर ट्रांजिशन के बाद विवाह किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों के बालिग होने और आपसी सहमति से साथ रहने की बात कही जा रही है, हालांकि विवाह की कानूनी स्थिति को लेकर बहस जारी है।
जानकारी के अनुसार, बीपीएससी से चयनित शिक्षिका नयनश्री कुमारी ने अपनी फुफेरी बहन राखी कुमारी के जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया में आर्थिक सहयोग किया। बताया जा रहा है कि इसके लिए उन्होंने ऋण भी लिया था। बाद में राखी ने दिल्ली स्थित एम्स में सर्जरी कराई और पुरुष पहचान के साथ राहुल नाम अपनाया।
इसके बाद दोनों ने 31 मई 2026 को जमुई जिले के लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में विवाह कर लिया। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई और मामला लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया।
परिजनों के मुताबिक, दोनों बचपन से एक-दूसरे के काफी करीब थे। साथ पढ़ाई और लंबे समय तक संपर्क में रहने के दौरान उनके बीच भावनात्मक संबंध विकसित हुए। विवाह के बाद जब दोनों अपने घर पहुंचे तो परिवार और समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। बढ़ते विवाद के बीच दोनों वहां से चले गए और फिलहाल उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिल सकी है।
इस घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों वयस्क हैं और अब तक मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कानून में समलैंगिक विवाह को मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन वयस्क व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से साथ रहना अपराध की श्रेणी में नहीं आता। ऐसे में यह मामला सामाजिक, कानूनी और व्यक्तिगत पहचान से जुड़े कई प्रश्नों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।











