नई दिल्ली, 02 जून ।
प्रवर्तन निदेशालय ने घर खरीदारों और निवेशकों से कथित धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड के चार प्रमोटरों और निदेशकों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने अवदेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत एक जून को हिरासत में लिया। बाद में विशेष पीएमएलए अदालत ने सभी आरोपितों को पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।
ईडी के मुताबिक, मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज पांच अलग-अलग प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इसके अतिरिक्त गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय ने भी कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के तहत समूह के प्रमोटरों और निदेशकों के विरुद्ध आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है।
जांच में एजेंसी को पता चला कि समूह ने आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं में समय पर कब्जा देने तथा सुनिश्चित रिटर्न का भरोसा देकर 19 हजार से अधिक खरीदारों और निवेशकों से लगभग 2,004 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। आरोप है कि इस राशि में से करीब 467 करोड़ रुपये विभिन्न कंपनियों, संबद्ध संस्थाओं और अन्य माध्यमों से दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिए गए।
ईडी का कहना है कि बड़ी मात्रा में धन जुटाने के बावजूद कई परियोजनाएं अधूरी रह गईं और अनेक खरीदारों को उनकी इकाइयों का कब्जा नहीं मिल सका। इससे निवेशकों और घर खरीदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन का एक हिस्सा प्रमोटरों तथा उनसे जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम पर चल एवं अचल संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया। एजेंसी इन लेनदेन की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
ईडी ने बताया कि अप्रैल 2026 में दिल्ली-एनसीआर स्थित समूह से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये नकद, बड़ी मात्रा में आभूषण और 100 से अधिक अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए थे। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
एजेंसी के अनुसार, मामले में वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की खरीद से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है तथा आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











