इंदौर, 09 अप्रैल।
इंदौर नगर निगम में बुधवार को कांग्रेस पार्षदों फौज़िया शेख अलीम और रुबिना इकबाल ने धार्मिक विश्वासों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाने से इंकार कर दिया, जिससे शहर में राजनीतिक हलचल मची।
भाजपा के राज्य अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे ‘शहीदों का अपमान’ बताया, वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस पार्टी से उक्त पार्षदों को नोटिस जारी करने की बात कही।
सत्र के दौरान फौज़िया ने यह पूछा कि क्या कोई नियम इसे अनिवार्य बनाता है, जिससे भाजपा पार्षद नाराज हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभापति मुन्नालाल यादव ने फौज़िया को हाउस छोड़ने का निर्देश दिया। रुबिना ने मीडिया से कहा कि “हम किसी के दबाव को स्वीकार नहीं करते।”
भाजपा पार्षदों ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है, जबकि इंदौर कांग्रेस ने रुबिना के राज्य समिति के समक्ष निष्कासन का प्रस्ताव रखा है। रुबिना ने कहा कि इस्लाम में ‘वंदे मातरम’ गाना वर्जित है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राष्ट्र और अन्य देशभक्ति गीतों का सम्मान करती हैं।
पूर्व एनसीपी (एसपी) सांसद फौज़िया खान ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि मैं वहां होती, तो मैं भी इसे धार्मिक विश्वासों के कारण नहीं गाती, लेकिन कानून और राष्ट्र का सम्मान करती। उन्होंने यह भी कहा कि किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को इसे करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
इस विवाद ने नगर निगम की कार्यवाहियों से पहले शहर में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।


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